➤ महिला आरक्षण लागू न होने पर अलका लांबा का केंद्र पर तीखा हमला
➤ 10 लाख पोस्टकार्ड भेजकर महिला कांग्रेस करेगी बड़ा आंदोलन
➤ ‘चलो संसद’ के नारे के साथ देशभर में विरोध की तैयारी
शिमला। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिमला दौरे पर पहुंचीं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार पर महिलाओं के अधिकारों में देरी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि संसद से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का कानून पारित होने के बावजूद इसे लागू नहीं किया जा रहा, जो महिलाओं के साथ अन्याय है। उनका कहना था कि सरकार जानबूझकर इस मुद्दे को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर टाल रही है, जिससे महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिलने में देरी हो रही है।
अलका लांबा ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण केवल सीटों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर कानून को तत्काल लागू किया जाए।
इस मुद्दे को लेकर महिला कांग्रेस अब देशव्यापी आंदोलन की तैयारी में है। उन्होंने घोषणा की कि महिला कांग्रेस प्रधानमंत्री को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजेगी और जुलाई में संसद सत्र के दौरान ‘चलो संसद’ अभियान के तहत बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार आरक्षण लागू नहीं करती है, तो कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों में 33 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देने का फैसला करेगी। साथ ही संगठन स्तर पर पहले ही 40 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा चुका है।
लांबा ने भाजपा पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी सवाल उठाए और कहा कि आरोपों से घिरे नेताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने महंगाई, गैस सिलेंडर की कीमत, पेट्रोल-डीजल दरों और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा।
हिमाचल में महिलाओं को ₹1500 देने की गारंटी पर उन्होंने कहा कि कबायली क्षेत्रों में यह लाभ शुरू हो चुका है और अन्य क्षेत्रों में भी जल्द लागू किया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।



